Cni Church Hatibari | Hatibari Parish Foundation Day 2026 |  स्थापना दिवस


सी एन आई कलीसिया हातीबारी पेरिश का इतिहास

परमेश्वर की असीम कृपा और अनुग्रह से, ST. James and Philip’s Church, Hatibari Parish, का इतिहास एकता,गवाही और सेवा की एक प्रेरणादायक कहानी है। यह कलीसिया Church of North India (CNI) के अंतर्गत Chotanagpur Diocese का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसने वर्षों से मसीही विश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

छोटानागपुर डायसिस का इतिहास

छोटानागपुर डायसिस का इतिहास 19वीं शताब्दी के मिशनरी कार्यों से जुड़ा हुआ है। छोटानागपुर क्षेत्र में सुसमाचार का प्रचार मुख्य रूप से जर्मन मिशनरियों और एंग्लिकन मिशन के माध्यम से हुआ। इस क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागृति के कार्यों ने एक नई चेतना का संचार किया।

23 मार्च 1890 को छोटानागपुर डायसिस की स्थापना कलकत्ता डायसिस से अलग होकर हुई। इसी दिन महामान्यवर  जे. सी. व्हाइटली (J. C. Whitley) को छोटानागपुर का प्रथम बिशप अभिषिक्त किया गया। यह घटना छोटानागपुर क्षेत्र के मसीही इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जाती है।

बाद में, 29 नवम्बर 1970 को Church of North India (CNI) का गठन हुआ, और छोटानागपुर डायसिस CNI का एक अंग बन गया।

हातीबारी पेरिश, सुंदरगढ़ (ओडिशा)

हातीबारी पेरिश ओडिशा राज्य के सुंदरगढ़ जिले में स्थित है। यह पेरिश छोटानागपुर डायसिस के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कलीसियाई क्षेत्र है, जहाँ वर्षों से मसीही विश्वासियों की आध्यात्मिक सेवा की जाती रही है।

ST. James and Philip’s Church हातीबारी पेरिश का प्रमुख गिरजाघर है, जिसकी स्थापना 1962 में हुई थी। यह चर्च केवल एक उपासना भवन नहीं, बल्कि विश्वासियों की प्रार्थना, आराधना, शिक्षा और सामुदायिक जीवन का केंद्र है।

स्थापना वर्ष और वर्षों का अंतर

विवरणवर्ष
छोटानागपुर डायसिस की स्थापना23 मार्च 1890
हातीबारी पेरिश की स्थापना                 1962
दोनों के बीच का अंतर72 वर्ष

इस प्रकार, छोटानागपुर डायसिस की स्थापना के 72 वर्ष बाद हातीबारी पेरिश की स्थापना हुई। यह तथ्य दर्शाता है कि छोटानागपुर डायसिस के विस्तार और मिशनरी कार्यों के माध्यम से झारखण्ड और ओडिशा के क्षेत्र तक सुसमाचार का प्रकाश पहुँचा।

ST. James and Philip’s Church की विशेषताएँ

  • लाल और सफेद रंग की आकर्षक पारंपरिक वास्तुकला।

  • ऊँचा चर्च टावर, जो दूर से ही इसकी पहचान बनाता है।

  • खुले बरामदे और मेहराबदार संरचना, जो पुराने मिशनरी स्थापत्य की झलक देती है।

  • विशाल परिसर, जहाँ धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

  • स्थापना दिवस और अन्य कलीसियाई पर्वों पर विशेष आराधना और उत्सव।

स्थापना दिवस: 25 जुलाई 2026

हर वर्ष 25 जुलाई को हाटीबारी पेरिश और ST. James and Philip’s Church का स्थापना दिवस श्रद्धा और आनंद के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह चर्च अपनी स्थापना के 64 वर्ष पूर्ण कर रहा है।

यह दिन परमेश्वर की कृपा, विश्वासियों की एकता, और कलीसिया के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना का विशेष अवसर है।

आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान

हातीबारी पेरिश ने केवल धार्मिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में भी योगदान दिया है:

  • शिक्षा को बढ़ावा देना।

  • गरीब और जरूरतमंदों की सहायता करना।

  • युवाओं को नैतिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देना।

  • सामुदायिक एकता को मजबूत करना।

  • सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करना।

निष्कर्ष

हातीबारी पेरिश का इतिहास छोटानागपुर डायसिस की आशीषमयी यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। 23 मार्च 1890 को स्थापित छोटानागपुर डायसिस ने 72 वर्षों बाद, 1962 में हातीबारी पेरिश की स्थापना के माध्यम से झारखण्ड ओडिशा के क्षेत्र में मसीही विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।

आज, यह कलीसिया विश्वास, प्रेम और सेवा का एक जीवित प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी परमेश्वर के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।

“यहोवा ने यहाँ तक हमारी सहायता की है।” — 1 शमूएल 7:12

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